किताबों से जानिए, पहनावा क्या असर डालता है आपकी एनर्जी पर और अधूरे मन से काम करने के क्या नुकसान होते हैं ?

थोड़े से लालच से आलस को जीत सकते हैं आप –

थोड़े से लालच के बिना, कुछ बेहतर हासिल करने की इच्छा के बिना प्रगति नहीं होती। दुनिया इसलिए प्रगति करती है कि हम बेहतर जीवन जीना चाहते हैं। बेहतर चाहते हैं इसलिए नए आविष्कार होते हैं। आप किसी ऐसी चीज से कतरा रहे हों जो आपको करनी चाहिए, तो आपको खुद से पूछना है कि इसमें मेरे लिए क्या है? थोड़े लालची बन जाएं। यह आलस का सबसे बढ़िया इलाज है। (रिच डैड पुअर डैड)

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अंतरात्मा उतनी ही सच्ची है जितना कि ये जीवन –

अंतरात्मा आत्मा का वह प्रकाश है जो हमारे मनोवैज्ञानिक हृदय के कक्षों के भीतर जलता है। यह उतना ही असली है जितनी कि जिंदगी। जब सदाचार के विपरीत कोई चीज सोची या की जाती है, तो यह विरोध में आवाज उठाती है। अंतरात्मा सत्य का ऐसा रूप है जो सही या गलत के बारे में हमारे खुद के कार्यों और भावनाओं के रूप में हमें मार्गदर्शन देती रहती है। (अब्दुल कलाम : एक जीवन)

पहनावा सोच और एनर्जी दोनों को बूस्ट करता है –

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पहनावा आपकी सोच और एनर्जी दोनों को बूस्ट कर सकता है। प्रोफेशनल स्पीकर मार्क जॉर्डन कहते हैं कि अच्छा दिखने से आप सामने वाले को खुद के बारे में संदेश देते हैं कि आप बेहतर मूड में हैं, आपके पास पूरा अधिकार है, आप पूरी तैयारी के साथ काम करते हैं, हमेशा होशियार रहते हैं और सफल हैं। जबकि खराब पहनावा आपके लापरवाह, अप्रभावी और महत्वहीन होने का संदेश देता है। (अवेकन द जाएंट विदिन)

सफलता के लिए बेहद जरूरी है आपका जोश –

आपको जो काम करना है उससे पूरी तरह से परिचित हो जाएं। जीवन में ऐसा कोई काम न करें, जिसमें आपकी रुचि न हो क्योंकि जिस काम में आपकी रुचि नहीं होती, उसे आप हमेशा अधूरे मन से करते हैं। आप अपने मन में इस बात को बैठा लें कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो जोश बहुत काम आता है। बिना जोश के आपके मन में निराशा के भाव पैदा होने लगेंगे और आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। (माइंडसेट)

About शिवांकित तिवारी "शिवा"

शौक से कवि,लेखक, विचारक, मुसाफ़िर पेशे से चिकित्सक! शून्य से आरंभ...

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