बार-बार पेट की समस्या से हो रहे हैं परेशान तो अभी से बंद कर दें ये गलतियां करना…

“अगर आपको बार-बार डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं होती हैं तो ये जरूरी है कि आप इस तरह की गलतियां ना करें।”

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप कुछ भी खा लें आपका पेट जरूर खराब हो जाता है। अगर पेट ना भी खराब हो तो डाइजेशन से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे कुछ लोगों को हम शायद जानते भी हों जिन्हें कुछ भी हजम नहीं होता या फिर गैस्ट्रिक समस्याएं होने लगती हैं। यकीनन पेट से जुड़ी समस्याओं से डील करने के लिए हम सभी के अपने तरीके होते हैं, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि आपकी समस्या आपकी गलतियों के कारण ही बढ़ रही हो।

 

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आयुर्वेदिक चिकित्सा के फाइनल ईयर के विद्यार्थी डॉ. शिवांकित तिवारी जी ने हमसे ये इससे जुड़ी बातें शेयर की हैं और ये बताने की कोशिश की है कि आखिर किन कारणों से हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम काफी खराब हो जाता है।

1. खाना खाने के बाद तुरंत नहाना :

आयुर्वेद मानता है कि हर काम को करने का अपना समय होता है जिसके विपरीत अगर उसे किया जाए तो हमारे शरीर में कई तरीके की परेशानियां होने लगती हैं। अगर आप इनका ध्यान नहीं देंगे तो मानव शरीर की समस्याएं बढ़ती जाएंगी। जैसे किसी भी तरह का खाना खाने के बाद तुरंत नहीं नहाना चाहिए भले ही वो ब्रेकफास्ट क्यों ना हो। शरीर में खाने को पचाने के लिए अग्नि तत्व जिम्मेदार रहता है और अगर आप खाने के बाद तुरंत नहा लेंगी तो शरीर ठंडा हो जाएगा।

यही कारण है कि खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद आपको नहाने जाना चाहिए। अगर अग्नि तत्व ठीक से काम नहीं करेगा तो ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक से नहीं होगा और इसके कारण डाइजेशन सही नहीं होगा।

2. खाना खाने के तुरंत बाद वॉक करना :

खाना खाने के बाद रात की वॉक पर कई लोग जाते होंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि ये सही नहीं है। दरअसल, खाना खाने के बाद वॉक करना, लंबे रास्तों पर चलना, स्विमिंग करना या किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से आपके शरीर में समस्याएं बढ़ती हैं। ये सभी एक्टिविटीज आपके वात दोष को ज्यादा बढ़ा देंगी और इसके कारण खाना ठीक से पचेगा नहीं और न्यूट्रिशन प्रोफाइल भी अधूरा रहेगा। हां, खाना खाने के बाद आप 1 से 10 मिनट तक की वॉक जरूर ले सकती हैं जो फायदा कर सकती है, लेकिन इससे ज्यादा नहीं।

3. 2 बजे के बाद लंच करना :

दोपहर का खाना खाने का सही समय 12 बजे से लेकर 2 बजे तक का ही होता है जब सूर्य अपने चरम पर होता है। ये वो समय होता है जब पित्त डॉमिनेंट होता है और आपका खाना आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है। इसी कारण से आयुर्वेद लंच का टाइम 12 से 2 बजे के बीच का ही रखता है। अगर आप उसके बाद खाना खाते हैं तो आपको बहुत ज्यादा आलस भी आएगा और साथ ही साथ ये आपके डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छा भी नहीं होगा।

4. रात के समय दही खाना :

दही को खाने का सही समय दोपहर ही है और आपको इसका ध्यान रखना चाहिए। दही खट्टा और मीठा होता है और शरीर में कफ और पित्त दोष को बढ़ा सकता है। रात के समय शरीर में कफ बढ़ने के कारण दही खाने से समस्या भी बढ़ जाती है। इसलिए ये जरूरी है कि आप रात के समय दही खाने से बचें। इसे खाने से आपको कब्ज की समस्या भी हो सकती है।

5. खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाना या सोना :

खाना खाने के बाद कम से कम 3 घंटे का समय होना चाहिए जिसमें आप जागे रहें। नींद के समय शरीर खुद को रिपेयर करता है, कई चीज़ों को हील करता है और दिमाग डिस्ट्रेस होता है। आयुर्वेद बताता है कि दिन का आखिरी मील लाइट होना चाहिए और खाना खाने के बाद कम से कम 3 घंटे का समय होना चाहिए जिसमें आप नींद ना लें। ये दिन के किसी भी समय लागू होता है।

About शिवांकित तिवारी "शिवा"

शौक से कवि,लेखक, विचारक, मुसाफ़िर पेशे से चिकित्सक! शून्य से आरंभ...

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